Tuesday, 7 February 2017

हैप्पी प्रपोज़ डे


कुछ शायराना सा
कुछ आशिकाना हुआ
जवां मौसम आज
ढूब पर नंगे पाँव सा
तुझे याद करता हुआ
धड़के मोरा हिवड़ा आज
बरखा की रिमझिम सा
थोड़ा रूमानी हुआ
बच्चा सा दिल भी आज
बूंदों की लड़ी में उजला सा
कुछ खिलखिलाता हुआ
मचला तेरा अक्स आज
प्रेम का अंकुर छुटका सा
तेरे नाम की पींगें बढ़ाता हुआ
मोर बनके नाचे आज
:
याद है तुम्हारा 
मुझसे वो प्रथम
प्रणय निवेदन....
तुम्हारे बढे हाथ पे रखकर हाथ
थोडा लजाकर, थोडा शरमाकर,
'यस आई डू' कहा था मैंने,
आज जब तुम कहते हो
हर दिन ही तो वही फीलिंग्स
हर दिन प्रेम, तो ये सब क्यों परी...
तो सुनो सनम,
सब तो मना रहे ये वैलेंटाइन वीक
मैं ही बचपना क्यों छोड़ दूँ?
तुम न कहो,
मैं ही पूछती हूँ,
घुटनों के बल बैठ
'विल यू बी माइन फोरएवर?'
कहो न
सुन रही हूँ मैं.... 💕

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