Sunday, 21 May 2017

खुद से परिचय

सोलह बरस की अनचाही
           अंधियारी कैद से रिहाई की
चलो आज वर्षगाँठ मनाई जाए
            पैंतालीस की उम्र में 'नीलपरी'
खुद से खुद का, आज परिचय कराया जाए

नटखट, चंचल तितली सी उड़ती
            रंग बिरंगे पंखों सी, नीली-गुलाबी फ्रॉक
देखो छोटी गोलमटोल, हाथ में लॉलीपॉप
           बेटी सी कोमलता, बेटे जैसे काम जो करे
मासूम परी से आज परिचय किया जाए

पढ़ने में अव्वल, गोल्डमेडल जीते अनेक
            कंप्यूटर की नौकरी,पेंटिंग का है शौक
माँ-पापा की शान, मोहल्ले भर की दुलारी
            पराई हुई, दुल्हन बनी फ़ूली न समायी
सुलक्षणा परी से आज परिचय किया जाए

सलोने सपन संजोये, दरिंदगी लिखी लकीरों में
            घर-नौकरी-रुपयों का गणित अकेली करे
हैवानियत से नित्य वो अपनी दुर्गत बनवाये
            अपनों से कोख बचाने खातिर रोबोट बनी
वन-मैन-आर्मी परी से आज परिचय किया जाए

जल बिन मछली की तड़प कौन है समझा
            गिरते हौंसले बुलंद, ले साईं का नाम
महलों को ठोकर मारी, नहीं उसे कोई गम
            प्रगतिपथ पर उड़ी मासूमियत ले संग
दृढ़निश्चयी-धैर्यशील परी से परिचय किया जाए

चलो पैंतालीस की उम्र में 'नीलपरी'
      खुद से खुद का, आज परिचय कराया जाए

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