साँसों में बसाये रखना
पलकों पे बैठाये रखना
धड़कन में छुपाये रखना
दूर गर हो जाएँ कभी हम
बस यादों में संजोये रखना
बस इतनी सी इल्तज़ा है
कि जब तक है ये ज़िंदगानी
अपनी ज़िन्दगी बनाये रखना
सुनो!
ठीक कहा न??
दोगे न साथ सदा....
प्यारे दोस्त..
साल दर साल
इस रिश्ते की कड़ी
मज़बूत होती चले यही दुआ
रिश्तों में खुशियों की चाहत
ख्वाबों को हकीकत की
नव वर्ष लाए सबके चेहरे पर मुस्कान
प्रभु से 'नीलपरी' की यही इल्तज़ा

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